Monday, 9 July 2012

Hindi Stories एक यादगार लम्हा

मेरा नाम अभिषेक है मै दिल्ली मे एक इन्शोयोरेन्स कम्पनी मे काम करता हु मेरी उम्र 30 साल है मै कम्पनी के काम से दो दिन के लिये इन्दौर गया था मैने आने जाने का अपना रिजर्वेशन पहले करवा लिया था दूसरे दिन मै अपना काम निपटा के वापस जाने की तैयारी करने लगा रास्ते मे जाम लगने के कारण मै लेट हो गया था मै स्टेशन पर पहुचा तो ट्रेन प्लेटर्फाम से चल दी थी मै भाग कर पीछे जनरल डिब्बे मे चंढ गया उसमे बहुत भींड थी और मै एक साइड मे जाकर खडा हो गया। मेरे पास एक खूबसूरत लडकी खडी थी उसकी लम्बाई लगभग 5.5 थी उसके कन्धे पर लेपटोप और हाथ मै बैग था उसके बडे बडे बुब्स और गांड देखकर मेरा मन ललचा गया और मै उससे चिपक कर खडा हो गया मैने एक हाथ से अपने बैग की बेल्ट को पकड लिया अब मेरा हाथ उसकी चुचिंयो पर था और ट्रेन हिलने से उसकी चुचिँयो पर हाथ अपने आप रगडने लगा उसने कोई विरोध नही किया अब मेरा लन्ड खडा हो चुका था मैने उससे पूछा आप कहा जायोगी उसने कहा दिल्ली वह बोली; आप। मैने कहा मुझे भी दिल्ली जाना है फिर वह बोली मेरा रिजर्वेशन कर्न्फम नही है और कल मेरा इन्टरव्यू है इस लिये मुझे जाना है उसने मुझे अपना नाम सीमा बताया और बात करते वक्त मै उसके बुब्स को धीरे धीरे दबा रहा था बात करते वक्त वह मुझसे काफी धुल मिल गई थी मैने उससे कहा मेरा रिजर्वेशन है अगर आप को कोई एतराज न हो तो अगले स्टेशन मेरे साथ आ जाना उसने कहा ठीक है यहा खडे होने से तो अच्छा है॥ और हम अगले स्टेशन पर उतर कर हम अपने कर्म्पाटमेन्ट मे चले गये सब अपनी र्बथ लेटे हुये थे। मेरी र्बथ सबसे ऊपर थी हम भी अपनी र्बथ पर जाकर बैठ गये और बाते करने लगे रात के 10 बज चुके थे सभी लोग चद्दर ओढकर सो गये थे मैने उससे कहा आप लेट जायो नीँद आ रही होगी बोली आप, मैने कहा मै बाद मै सो जाऊंगा और वो मेरी गोद मे सिर रखा और चादर ओढ कर लेट गई मै चादर के अन्दर हाथ डाल कर उसके बुब्स दबाने लगा फिर मैने उसका कुर्ता ऊपर कर दिया और ब्रा से उसकी चुचिँयो को बाहर निकाल दिया अब वह भी उत्तेजित हो कर मचलने लगी थी मै उसकी सलवार नीचे करके चूत पर हाथ फेरने लगा तो वह सिसकारियाँ भरने लगी अब वह पूरी तरह गरम हो चुकी थी मै लाईट बन्द करके उसके ऊपर लेट गया और अपना लन्ड निकाल कर उसकी चूत पर रख दिया उसकी चूत से लार टपक रही थी और मै उसके होँटो को चूसने लगा तभी मैने एक तेज धक्का मारा तो वह सिसक कर रह गई मेरा आधा लन्ड उसकी चूत मे समा गया था मै उसके होँटो को चूमने लगा इसके बाद फिर मैने एक तेज धक्का मार दिया अब मेरा लन्ड पूरा अन्दर चला गया था मै कुछ देर ऐसे ही लेटे रहा फिर मैने धीरे धीरे धक्के मारने शुरु किये अब उसे भी मजा आने लगा वो भी अपनी गांड को नीचे से उठा रही थी मैने धक्को की स्पीट बढा दी और जम कर चोदने लगा थोडी देर के बाद वह झड गई और उसने मुझे कसके पकड लिया थोडी देर बाद मै भी झड गया उस रात ट्रेन मे मैने सीमा तीन बार चोदा और वह मेरे लन्ड की दीवानी हो गयी अगर किसी को अपनी चूत मरवानी हो तो मुझे ईमेल करे। abhishek.rana73@gmail.com. Comments below plz

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