Wednesday, 27 June 2012

New Hindi Sex Story In Hindi Font

मोटी मौसी की साथ
गुरुजी को मेरा नमस्कार और कहानी प्रकाशित करने के लिए धन्यवाद। मै विजय गंगानगर राजस्थान से। मै 25 साल का हूँ मेरा लण्ड 8 इन्च लम्बा है यह मेरी पहली कहानी है मेरी मौसी के साथ जो 45 साल की है और थोङी मोटी है 5
साल पहले हम सभी मेरी तीन मौसीयाँ तीन मामा और हमारा परीवार कहीँ घूमने गये। वहा रात को हम सब एक हाल मे सोये। मै अपनी मौसी के साथ दीवार के साथ सो गया। रात को 1 बजे मेरी नीँद खुली तो मैने देखा की गलती से मौसी की टाँग मेरे ऊपर थी और मेरा लण्ड खङा था। मैने बाथरूम किया और आकर सोने लगा लेकिन मुझे नीँद नही आ रही थी और मेरा लण्ड खङा था। मैने धीरे से मौसी के मोटे बूब्स पर हाथ रख दिया थोङी देर जब मैसी कुछ नही बोली तो मै धीरे धीरे बूब्स दबाने लगा और मौसी के सूट के ऊपर से ब्रा के अन्दर हाथ डाल दिया और दबाने लगा। मौसी थोङा हिली तो मैने अपना हाथ खीँच लिया और आँखे बंद कर ली। थोङी देर बाद जब मैने आँखे खोली तो मौसी वैसे ही लेटी थी।
मैने हिम्मत करके अपना हाथ फिर सूट के अन्दर डाला तो मौसी की ब्रा के हुक खुले थे और मै जोर जोर से बूब्स दबाने लगा। एकदम से मौसी ने मेरा लण्ड पकङ लिया और दबाने लगी। वँहा सब लोग सो रहे थे इसलिए मौसी ने एक चादर
मेरे और अपने ऊपर डाल दी और अपना सूट ऊपर उठा कर अपने बूब्स मेरे मुहँ मे डालने दिए। मै मौसी के बूब्स चूसने लगा और मौसी की चूत मे ऊँगली देने लगा। मौसी मेरे लण्ड से खेलने लगी। थोङी देर बाद हम दोनो झङ गये और सो
गये। तीन दिन तक जब भी मौका मिलता हम एक दूसरे को चूसते। वापस आकर मौसी मुझे अपने साथ अपने शहर ले गयी। वहाँ जब अंकल और मौसी का लङका अपनी दुकान पर चले गये तो मैने मौसी को पकङ बैड पर लिटा लिया और उनकी सलवार खोल कर अपना लण्ड उनकी चूत पे डाल दिया वो जोर से चीँखी और मै धक्के मारने लगा।
आधे घण्टे बाद मै झङ गया और वो दो बार झङ चुकी थी। फिर हम 69 की पजीशन मे आ गये और एक दूसरे के गुप्तांग चूसने लगे। मौसी ने बताया की पिछले 7 सालो से अंकल ने उन्हे नही चोदा। अब जब भी मौका मिलता है मै मौसी को चोदता हूँ। अगर कोई लड़की या आँटी मुझसे चुदवाना चाहती है तो मुझे
rashmi.vijay00@gmail.com पर मेल करेँ।

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